Category Archives: ज्योतिष

चार मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

4 Mukhi Rudraksha 1

चार मुखी रुद्राक्ष सबसे महत्वपूर्ण रुद्राक्ष है, जो वर्तमान जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है और समृद्धि-विकास का वादा करता है। इस रुद्राक्ष में 4 धारियां होती हैं इसे चतुर्मुख ब्रह्मा का स्वरूप माना गया है। यह रुद्राक्ष चार वर्ण, चार आश्रम यानि ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यास के द्वारा पूजित और परम…..

सात मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

7 Mukhi Rudraksha

सात मुखी रुद्राक्ष की सतह पर सात प्राकृतिक धारियां होती हैं। इसमें अन्य रूपों के विपरीत भगवान शिव के अनंग रूप को दर्शाया गया है। यह मनका सप्तमातृकाओं द्वारा और धन की देवी मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से युक्त होता है, जो इसे और भी अधिक शक्तिशाली और लाभों से युक्त बनाता है। सातमुखी रुद्राक्ष का…..

छह मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

6 Mukhi Rudraksha 1

छह मुखी रुद्राक्ष की सतह पर 6 प्राकृतिक सीधी रेखाएं होती हैं। इसे समस्या के समाधान रुद्राक्ष रूप में माना जाता है, क्योंकि यह व्यक्ति को सभी परेशान स्थितियों से बाहर निकालता है। यह भगवान कार्तिकेय द्वारा शासित है जो भगवान शिव और पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र हैं। कार्तिकेय का जन्म ताराकसुर राक्षस को मारने…..

पांच मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

5 Mukhi Rudraksha 1

पांच मुखी रुद्राक्ष सभी रुद्राक्षों में से सबसे लोकप्रिय रुद्राक्ष है। यह रुद्राक्ष समृद्धि और जीवन में सफलता का प्रतीक है। सभी रुद्राक्षों में से पांच मुखी रुद्राक्ष सबसे ज्यादा पैदा होता है। नेपाल में सबसे अच्छी गुणवत्ता का रुदाक्ष पाया जाता है। यह भगवान शिव के काल अग्नि रुद्र रुप से शासित है। यह…..

दो मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

1 to 21 Mukhi Rudraksha

दो मुखी रुद्राक्ष को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का स्वरूप माना गया है। प्राचीन पौराणिक कथानुसार, भगवान ब्रह्मा ने दोनों देवताओं को इतना करीब आने का आशीर्वाद दिया कि वे शिव-पार्वती एक दूसरे में ही विलीन हो गए और उन्हें अर्धनारीश्वर कहा जाने लगा। आमतौर पर रुद्राक्ष को भगवान शिव का अवतार कहा जाता…..

तीन मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

3 Mukhi Rudraksha

प्रत्येक रुद्राक्ष में जीवन के किसी न किसी पहलू को लाभान्वति करने का विशिष्ट गुण होता है। यह कैरियर, परिवार, प्रेम या स्वास्थ्य से जुड़ा हो सकता है। तीन मुखी रुद्राक्ष, की सतह पर 3 प्राकृतिक रेखाएं होती हैं, जो उसकी असली होने की पहचान को दर्शाता है। यह रुद्राक्ष नेपाल और इंडोनेशियां में पाया…..

एक मुखी रुद्राक्ष संपूर्ण जानकारी

Ek Mukhi Rudraksha

एक मुखी रुद्राक्ष को साक्षात शिव का रूप माना जाता है। एक मुखी रुद्राक्ष के अलग-अलग प्रकार के दाने इस धरती पर पाए जाते है। एक गोल आकार में होता है, दूसरा काजू के आकार में और तीसरा इंडोनेशिया में जो रुद्राक्ष मिलता है, वह आकार में बहुत ही छोटा होता है। एक मुखी रुद्राक्ष…..

जन्म लग्न के अनुसार रत्नों का चयन करना चाहिए

मेष लग्नइस लग्न वाले जातकों का अनुकूल रत्न मूंगा है, जिसे शुक्ल पक्ष में किसी भी मंगलवार को मंगल की होरा में निम्न मंत्र से जाग्रत कर सोने में अनामिका अंगुली में धारण करना चाहिए। मंत्र– ॐ भौं भौमाय नमः लाभ– मूंगा धारण करने से रक्त साफ होता है और रक्त, साहस और बल में…..

राशि के अनुसार रुद्राक्ष का धारण कैसे करें

Rudraksha ka Chayan

मेष राशि  तीनमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिये। इसका संबंध अग्नि देव से है और इससे पिछले जन्म और इस जन्म के पापकर्मों से मुक्ति मिलती है इसके अलावा निगेटिव विचार, अपराध की भावना, हीन भावना आदि कम होते है और आपके व्यक्तित्व का विकास होता है। साथ ही इसे धारण करने से बीपी, कमज़ोरी और…..

लग्न के अनुसार रुद्राक्ष का धारण कैसे करें

Rudraksha ka Chayan

लग्न, पंचम एवं नवम भाव सर्वाधिक बलशाली माना गया है। इसके लिये रुद्राक्ष को धारण किया जाना चाहिए। रुद्राक्ष पर ग्रहों के साथ देवताओं का वास माना जाता है। कुंडली में त्रिकोण अर्थात लग्न, पंचम एवं नवम भाव सर्वाधिक बलशाली माना गया है। लग्न अर्थात जीवन, आयुष्य एवं आरोग्य, पंचम अर्थात बल, बुद्धि, विद्या एवं…..